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मुजफ्फरपुर में शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस पर हमला, 8 जवान घायल

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मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र में शराब तस्कर की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। पथराव में महिला सिपाही सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में अभियान तेज कर दिया है।

मुजफ्फरपुर/आलम की खबर:मुजफ्फरपुर जिले के पारू थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। दामोदरपुर गांव में हुई इस घटना में महिला सिपाही समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर जमकर पथराव किया और सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं और हमले में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति के बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि संदिग्ध व्यक्ति अपने ठिकाने पर मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस ने देर रात कार्रवाई की योजना बनाई और एक टीम को दामोदरपुर गांव भेजा गया। पुलिस का उद्देश्य आरोपी को गिरफ्तार कर अवैध कारोबार के नेटवर्क की जानकारी जुटाना था।

बताया जाता है कि जब पुलिस टीम गांव में पहुंचकर कार्रवाई करने लगी तो कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। शुरुआत में मामला सामान्य विरोध तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए और पुलिस टीम के खिलाफ माहौल बनने लगा। पुलिसकर्मियों को समझने का मौका मिलता, उससे पहले ही भीड़ के एक हिस्से ने आक्रामक रुख अपना लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेरने की कोशिश की। इसके बाद अचानक ईंट और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया गया। देर रात हुई इस घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मी खुद को बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे, लेकिन लगातार हो रहे पथराव में कई जवान घायल हो गए।

हमले में घायल पुलिसकर्मियों में महिला सिपाही पुष्पा कुमारी का नाम भी शामिल है। इसके अलावा कई अन्य जवानों को सिर, हाथ और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। कुछ जवानों की चोटें गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया।

पुलिस वाहन को भी इस दौरान काफी नुकसान पहुंचा। उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव से वाहन के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि यह हमला सुनियोजित भी हो सकता है, इसलिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। अतिरिक्त पुलिस बल को तुरंत मौके पर भेजा गया और पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस ने रात में ही कई स्थानों पर दबिश देना शुरू कर दिया ताकि हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना और पुलिस टीम पर हमला करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कानून बेहद सख्त है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने संकेत दिया है कि हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक पुलिस अब गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और स्थानीय स्तर पर भी सूचना एकत्र की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है ताकि हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सके।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पुलिस लगातार अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से छापेमारी की जाती है और बड़ी मात्रा में शराब बरामद की जाती रही है। हालांकि कई बार शराब माफिया और उनके समर्थकों द्वारा पुलिस कार्रवाई का विरोध भी देखने को मिला है। मुजफ्फरपुर की यह घटना इसी कड़ी में एक गंभीर मामला मानी जा रही है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील भी की है।

ग्रामीण क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आम लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर पुलिस कार्रवाई के दौरान हालात इतने बिगड़े कैसे। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घायल जवानों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना और हमले में शामिल लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है। जिले के पुलिस अधिकारी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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